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मुख्य पृष्ट
| सुंदरकाण्ड पाठ मनोकामनाओं पूर्ण करने |
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| बुधवार, 18 नवम्बर 2009 | |||||||
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चिड़ावा,18 नवम्बर। गांव ओजटू के सत्यनारायण मंदिर में चल रही रामकथा में कथाव्यास पं. प्रभुशरण तिवाड़ी ने भगवान हनुमान के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि राम भक्त हनुमान का चरित्र कर्तव्यनिष्ठ व कर्मयोगी है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को सदैव सेवापरायण एवं कार्य समर्पित रहना चाहिए। तिवाड़ी ने सुंदरकाण्ड पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान श्रीराम को जानकी का पता चला, सीता माता को भगवान की कुशलक्षेम मिली एवं धैर्य प्राप्त हुआ। विभिषण को भगवान का वरदहस्त एवं शरणागति प्राप्त हुई। हनुमानजी को माता सीता से अजर अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ। इसके अलावा कथा में राम-सुग्रीव मित्रता का अत्यंत सुंदर प्रस्तुतिकरण किया गया। कथा के प्रारंभ में सरपंच ओमप्रकाश डांगी, पूर्व प्रधान उमराव डांगी, पूर्व सरपंच जुगलकि शोर शर्मा सहित कथा के यजमानों ने भगवान श्रीराम एवं व्यास का पूजन किया। कथा में वैद्य घनश्याम शर्मा, रामस्वरूप जांगिड़, गुगनराम वर्मा, रामाकिशन सैनी, लीलाधर शर्मा, मोतीलाल शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, ताराचंद स्वामी, विश्वम्भरलाल, दुर्गाराम डांगी सहित बड़ी संख्या में श्रध्दालुओं ने भाग लिया।
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